January 15, 2026

THE BARMUDA TRIANGLE.

ब्रह्मन से बरमान, और बरमान से बरमूडा ट्रिएंगल तक.

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सितंबर 2024 से नर्मदा तट पर सातधारा ग्राम में रहते हुए एक साल और चार माह बीत चुके हैं। इस क्षेत्र का नाम सूरजकुण्ड है। गूगल मैप देखें तो उसमें सभी नदियों का catchment area देख सकते हैं। शायद वैसा ही कुछ यहाँ नर्मदा नदी के बारे में कहा जा सकता है। यहाँ अब तक नर्मदा पुराण के 25 अध्याय इस सप्ताह में पढ़ चुका हूँ। कल 25 वां पूरा हुआ। इससे पहले 2024-15 में भी स्कन्द पुराण के रेवा खण्ड में नर्मदा के बारे में कुछ पढ़ा था। कल मकर संक्रान्ति होने से आसपास के और दूर से भी आनेवाले श्रद्धालुओं की और तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ थी। परसों पुराने पुल पर देखा दो युवतियाँ साष्टांग प्रणाम करते हुए धीरे धीरे पुल के ऊपर से जा रही थीं। आश्चर्यचकित होकर देखता रह गया। इस पर कोई त्वरित टिप्पणी कर देना आसान है पर इस प्रकार की श्रद्धा और निष्ठा रखना अवश्य ही बहुत कठिन और दुर्लभ तपस्या भी है। संसार में ऐसे भी कुछ हैं और यहाँ ऐसे लोगों को देखकर किसी का भी हृृदय भावविव्हल हो सकता है। दूसरी ओर यहाँ आनेवाले ऐसे पर्यटक भी हैं जो बस पिकनिक मनाने और सैैर सपाटा करने के लिए आते हैं। नदी सब पर समान रूप से अपना आशीर्वाद और स्नेह लुटाते हुए अपने अनेक रूप बदलते हुए सतत बहती रहती है। मानो तो मैं गंगा माँ हूँ ना मानो तो बहता पानी!

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