कविता : 11-08-2021
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घूमता ही रहता है वक्त का पहिया,
कभी तो धीरे धीरे, कभी तेज तेज,
जिन्दगी होती है फूलों की, या फिर,
कभी कभी होती है काँटों की भी सेज!
***
कविता : 11-08-2021
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घूमता ही रहता है वक्त का पहिया,
कभी तो धीरे धीरे, कभी तेज तेज,
जिन्दगी होती है फूलों की, या फिर,
कभी कभी होती है काँटों की भी सेज!
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