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April 26, 2022

आगे आगे देखिए!

फलित-ज्योतिष्

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पहले मेरा अनुमान था, कालसर्प योग मुसीबतों और मुश्किलों के दौर का द्योतक होता है, लेकिन 26 मार्च से 26 अप्रैल तक घटित घटनाओं के सन्दर्भ में अब लग रहा है, कि कालसर्प योग की समाप्ति ही शायद मुसीबतों और मुश्किलों के दौर के प्रारंभ का द्योतक होता होगा।

एलॅन मस्क ने ट्विटर खरीद लिया।

इस एक घटना के बाद संसार का दो खेमों में ध्रुवीकरण हो रहा है। जैसे रूस-यूक्रेन युद्ध के समय हमने देखा। चीन और रूस एक तरफ, तो यूरोपीय यूनियन, यू.के. तथा आस्ट्रेलिया दूसरी तरफ। यह तो मोटा विभाजन हुआ। बाकी लगभग सभी दूसरे देश भी असमंजस और घबराहट, अनिश्चय और ऊहापोह के शिकार हैं। केवल भारत ने ही अपना रुख स्पष्टता से सामने रखा है, जिसे इस प्रकार कह सकते हैं : 

"राष्ट्रहित ही सर्वोपरि है, गुटनिरपेक्ष या बहुध्रुवीय विश्व के सिद्धान्त का महत्व भी उसके बाद ही है।"

पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री शशि थरूर जी इस बात से जरूर खुश हैं कि भारत के विदेश-मंत्री श्री सुब्रमण्यम जयशंकर ने उन्हें बहु-संलग्नता (multi-alignment) जैसा शब्द कॉइन करने का श्रेय (credit) दिया।

इससे क्या? 

"अरे भाई! दिल के बहलाने को गा़लिब ये खयाल अच्छा है।" 

रूस के राष्ट्रपति अपनी बौखलाहट को न तो छिपा पा रहे हैं, न ठीक से जाहिर ही कर पा रहे हैं। उन्हें इससे कोई मतलब नहीं है कि न्यूक्स के प्रयोग से दुनिया में क्या परिणाम हो सकते हैं। हाँ उन्हें धमकियाँ देने के प्रयोग के परिणामों से कुछ उम्मीद होगी।  चीन और रूस कम्युनिस्ट अधिनायकवाद के प्रकट उदाहरण हैं।

चीन ने पाकिस्तान, श्रीलंका, नेपाल और कुछ और भी देशों को अपने डेट्-ट्रेप (debt-trap) में फँसाकर आर्थिक बदहाली के मुहाने पर धकेल दिया है।

एलॅन मस्क के द्वारा ट्विटर खरीद लिए जाने से पहले व्यक्तिगत रूप से मुझे ट्विटर पर भरोसा (trust) नहीं था। अब लगता है कि ट्विटर जॉइन किया जा सकता है। फेसबुक इत्यादि दूसरी सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर शायद ही किसी को भरोसा होता होगा। डिजिटल ट्रान्जेक्शन्स के भुक्तभोगी भी बहुत हैं। जिनके पास अनाप शनाप पैसा है उन्हें पता भी नहीं चलता होगा, और जब पता चलता होगा, तब तक बहुत देर हो चुकी होती होगी। और यह भी अवश्य सत्य है कि डिजिटल ट्रान्जेक्शन्स बिजली की रफ़्तार (lightening speed) से हुआ करते हैं!

वो कहते हैं न,

इब्तेदा-ए-इश्क है, रोता है क्या,

आगे आगे देखिए होता है क्या!

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