कविता / गीत / 19-04-2021
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जब वक्त मेहरबान,
कुछ कुछ होता है ।
दर्द दिल में तब,
रुक रुक होता है।
प्यार ऐसे ही तो,
छुप छुप होता है।
सजदा ईमान का,
झुक झुक होता है।
***
कविता / गीत / 19-04-2021
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जब वक्त मेहरबान,
कुछ कुछ होता है ।
दर्द दिल में तब,
रुक रुक होता है।
प्यार ऐसे ही तो,
छुप छुप होता है।
सजदा ईमान का,
झुक झुक होता है।
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