April 24, 2024

यू-ट्यूब पर,

अहं ब्रह्मास्मि 

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23 मई 2023 के दिन 19, बालाजी एवेन्यू छोड़ने का मन हुआ तो तुरन्त ही एक मित्र के आने पर उसके साथ उसकी स्कूटी पर बैठकर वहाँ से निकल पड़ा। वहाँ मेरा काफी सामान पड़ा हुआ है जिसमें बहुत सी किताबें तो खास हैं जिनकी जरूरत मुझे ब्लॉग लिखने के लिए हुआ करती थी। फिर मैंने पलटकर उस तरफ कभी देखा तक नहीं! जंगल हाउस में गाँव की खुली हवा में साँस ले रहा था। पिछले माह मार्च की 24 तारीख को जंगल हाउस छोड़कर सिटी में रहने लगा हूँ, बालाजी एवेन्यू से बहुत दूर। एक मित्र मिलने आए तो उन्होंने इस विषय में पूछा। मैंने कहा - जो मेरा है वह लौटकर मेरे पास आ ही जाना है, जो मेरा नहीं है, उसके बारे में मैं कुछ नहीं सोचता! 

वहाँ अहं ब्रह्मास्मि  I AM THAT की भी दस बीस या और अधिक प्रतियाँ हैं

अभी हफ्ते भर पहले यू-ट्यूब पर "आनन्द यात्रा" के द्वारा प्रस्तुत एक वीडियो में "अहं ब्रह्मास्मि" से उद्धृत एक अध्याय दिखलाई दिया। और फिर देखा कुछ और लोग भी उस पुस्तक के अंश यू-ट्यूब पर प्रस्तुत कर रहे हैं। शायद एक दो साल से! यह जानकर खुशी हुई कि वे उस पुस्तक के अंशों में छेड़छाड़ किए बिना यथासंभव यथावत् ही उन्हें प्रस्तुत कर रहे हैं। मैंने इसके लिए उन्हें धन्यवाद दिया। आखिर मेरी वस्तु लौटकर मेरे पास आ गई! देर आयद दुरुस्त आयद!! 

बचपन में श्रीरामरक्षास्तोत्रम् पढ़ा करता था। उक्त स्तोत्र के इस श्लोक का पाठ प्रायः करता था -

आदिष्टवान् यथा स्वप्ने रामरक्षामिमां हरः।।

तथा लिखितवान् प्रातः प्रबुद्धो बुधकौशिकः।। 

(ऋषि बुधकौशिक को भगवान् शिव ने स्वप्न में दर्शन देकर इस श्रीरामरक्षास्तोत्रम् का उपदेश दिया और इसे यथावत् लिखने का आदेश उन्हें दिया, प्रबुद्ध बुधकौशिक ऋषि ने प्रातः उठते ही इसे अक्षरशः वैसा ही लिखा।) 

I AM THAT पुस्तक का हिन्दी अनुवाद करते समय मुझे यही लगता था कि इसे यथासंभव वैसा ही लिखा जाए जैसा कि मराठी ग्रन्थ सुखसंवाद (का आशय) हो सकता है।

अब इसे यू-ट्यूब पर देखते-सुनते हुए यही लगता है कि मेरे पास मेरी किताब इस रूप में ही सही, लौट आई है!

अनन्तकोटि ब्रह्माण्ड नायक राजाधिराज योगिराज श्री सिद्धरामेश्वर महाराज की जय! 

अनन्तकोटि ब्रह्माण्ड नायक राजाधिराज योगिराज श्री निसर्गदत्त महाराज की जय!! 

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