August 22, 2018

मीडिया-मसाला

आज की कविता :
मीडिया-मसाला
’कुछ भी’
--
हर दर्शक जहाँ ’पात्र’,
हर पात्र जहाँ ’चरित्र’,
’चरित्र’ जहाँ अभिनेता,
अभिनेता, -शत्रु या मित्र,
राजनीति, खेल या चैनल,
महक़ते हैं जैसे इत्र,
निर्देशक, कहानी, कथाकार,
ख़रीदे हुए हों या उधार,
टीवी या मोबाइल पर,
जीवंत रोज़ चलचित्र !
--

No comments:

Post a Comment