January 10, 2013

पुनर्पाठ 1.

सन्दर्भ :मेरी कविता  'लडकियाँ  और खिड़कियाँ'

सन्दर्भ :मेरी कविता  'लडकियाँ  और खिड़कियाँ

December 12, 2012

।। लक्ष्यते शिव-दर्शनं ।। (स्वरचित )

।।लक्ष्यते  शिव-दर्शनं ।। (स्वरचित )

।।लक्ष्यते  शिव-दर्शनं ।। (स्वरचित )

August 08, 2012

पञ्चाननो

पञ्चाननो गजमुखो
पञ्चाननो गौरीपतिः ।
पञ्चाननो रामभक्तो
हनुमदञ्जनीपुत्रो ॥
वेदमाता च गायत्री
पञ्चानना तथा स्मृता ।
पञ्चैते स्युः सर्वेभ्यो
सर्वदा शुभमङ्गलाः ॥
--
उज्जैन. 05.08.2012.

July 23, 2012

बहाने

बहाने

जब उनसे कहा गया
कि सिर्फ बैठे रहने
और आँसू बहाते रहने से,
कुछ नहीँ होगा ।
जिँदगी को बेहतर बनाने के लिए 

पसीना बहाना होता है, 
तो उन्होँने खून की इतनी नदियाँ बहानी चाहीँ
कि कोई
आँसू या पसीना बहानेवाला
बाकी ही न रहे !



-------------------------------------------------