July 06, 2011

~~ परिपाटी ~~


~~~~~~~~~ परिपाटी ~~~~~~~~~
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© Vinay Vaidya
06062011

परंपराएँ,
चढ़ती-उतरती हैं,
सीढ़ियाँ !!


होते हुए जर्जर मगर,

टूटे बिना !

परंपराएँ,
चढ़ती-उतरती हैं,
पीढ़ियाँ !!

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5 comments:

  1. सीढि़यां और पीढि़यां में वर्तनी संशोधन हेतु कृपया विचार करें.

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  2. प्रिय राहुलजी,
    क्षमा चाहूँगा,
    वास्तव में यही तो मेरी रचना की ’जान’ है !
    आप देखिये कि आप ’सीढ़ियाँ’ और ’पीढ़ियाँ’
    दोनों को एक-दूसरे से स्थानापन्न (replace)
    कर सकते हैं, यह ’तथ्य’ दोनों पर लागू होता
    है । टिप्पणी के बहाने मुझे एक मौका मिला,
    इसके लिये आभार,
    सादर,

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  3. प्रिय राहुलजी, पुनश्च :
    फ़िर मैंने गौर किया कि शायद आपका
    संकेत हृस्व ’इ’-कार के स्थान पर दीर्घ
    ’इ’-कार की ओर था ! सो, सुधार दिया
    है, ऐसे ही मार्गदर्शन देते रहें । आभार !
    सादर,

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  4. पीढ़ी दर पीढ़ी परम्पराओं का सीढी चढना और उतरना ...टूट भी जाय तो नए लकड़ी और सीमेंट से उन सीढ़ियों का बने रहना

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  5. वाह सुनीता ! अद्भुत टिप्पणी !!
    तल्ख़, लेकिन सटीक !!
    बहुत बहुत शुक्रिया,
    सादर,

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